पंचायत एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के बयान पर सियासत गर्म है। पटेल के बयान के विरोध में अब कांग्रेस पांच मार्च को पूरे मप्र के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर पंचायत मंत्री के इस्तीफे की मांग करेगी। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। इधर, मंत्री पटेल ने जबलपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा-जिस कार्यक्रम की बात की जा रही है, वह पूरी तरह से सामाजिक था, कोई राजनीतिक मंच नहीं था। उस कार्यक्रम में मेरे अलावा कांग्रेस के भी नेता मौजूद थे। जीतू पटवारी को अगर कार्रवाई करनी है, तो पहले उन कांग्रेसी नेताओं पर करें, जो मेरे साथ मंच पर थे।मंत्री प्रहलाद पटेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो शेयर कर जीतू पटवारी ने लिखा कि प्रदेशवासियों, दंभ अपनी बात दोहरा रहा है और इस बार भी बहुत साफ तौर पर कह रहा है कि "मैंने पहले भी कहा है और भविष्य में कहता रहूंगा। मतलब यह है कि अपने हक और न्याय की मांग को लेकर भाजपा के मंत्रियों के पास जाने वाली मप्र की जनता भिखारी थी, भिखारी है और भिखारी ही बनी रहेगी। यदि यह सच है तो सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई जैसी नौटंकी को भी बंद कर देना चाहिए, क्योंकि, वहां भी भाजपा को आवेदन के साथ जनता भिखारी ही दिखती होगी। मोहन सरकार के साथ नरेंद्र मोदी सत्ता के खिलाफ हम पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे और भाजपा के अहंकार को जमीन पर लाएंगे।

जनता के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस
नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार द्वारा जनता के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता के हक और अधिकारों के लिए कांग्रेस पार्टी निणार्यक लड़ाई लड़ेगी। आगामी पांच मार्च को प्रदेश के सभी जिलों के जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ जंगी प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के इस्तीफे की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री प्रहलाद पटेल प्रदेश की जनता से सार्वजनिक माफी मांगें अन्यथा विरोध में लिए तैयार रहें। महिलाओं, गरीबों, किसानों, छात्रों और बुजुर्गों को उनका हक नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। मुकेश नायक ने कहा कि जब प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों ने अपनी मेहनत की कमाई पर अधिकार मांगा, तो सरकार में बैठे पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रहलाद पटेल और उनकी पार्टी ने उन्हें भिखमंगा कहकर अपमानित किया। क्या महिलाओं को उनके अधिकार मांगने पर अपमानित किया जाएगा? मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री प्रहलाद पटेल बताएं कि भाजपा सरकार ने यदि प्रदेश को विकसित बना दिया होता तो टोकना भर-भर कर आवेदन लेकर जनता उनके सामने अपना हक और अधिकार मांगने के लिए क्यों जाती?


यह था मंत्री पटेल का बयान
मंत्री पटेल ने कहा था कि अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, एक टोकना (टोकरी) तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने की बजाय देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं, आप सुखी होंगे और एक संस्कारवान समाज को खड़ा करेंगे।


भोपाल में मंत्री का जलाया पुतला
इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के नेतृत्व में मंत्री प्रहलाद पटेल का पुतला जलाकर विरोध किया। सरकार से इस्तीफे की मांग की। अहिरवार ने कहा है कि सत्ता के अहंकार में बीजेपी डूबी हुई है, जिस कारण प्रहलाद पटेल ऐसा निंदनीय बयान दिया। अहिरवार ने कहा है कि बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा सार्वजनिक रूप से प्रदेश की जनता से मंत्री के बयान के लिए माफी मांगें।