हिमस्खलन की चपेट में आए चार श्रमिकों की मौत, 46 सुरक्षित


शुक्रवार को भारत-चीन सीमा पर स्थित सीमांत जिले चमोली के माणा के पास भीषण हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह से जारी है। प्रदेश में आज भी कई जिलों में बारिश के आसार है। वहीं चमोली में हिमस्खलन का खतरा बरकरार है

अलर्ट मोड पर गौचर हवाई पट्टी

माना हिमसखलन को लेकर गौचर हवाई पट्टी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। गौचर में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर की टीमें तैनात हैं। एसडीएम संतोष कुमार पांडे हवाई पट्टी पर मौजूद है।

चार श्रमिकों की मौत

पीआरओ डिफेंस देहरादून लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव की ओर से बताया गया है कि हिमस्खलन की चपेट में आए चार श्रमिकों की मौत हो गई है। पांच की तलाश जारी है। 46 मजदूर सुरक्षित है।

आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे सीएम धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी चमोली जिले में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण करने के बाद देहरादून के आईटी पार्क स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे।

एक घायल व्यक्ति की मौत

हिमस्खलन बचाव अभियान अभी जारी है। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण कुल छह हेलिकॉप्टरों को लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है। लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव पीआरओ डिफेंस देहरादून की ओर से जानकारी दी गई कि अभी तक 47 में से 23 मजदूरों को जोशीमठ पहुंचाया जा चुका है। दुर्भाग्य से, एक घायल व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है और एक की हालत गंभीर है। घायलों को निकालने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

फंसे बीआरओ कर्मियों को हवाई मार्ग से जोशीमठ पहुंचाया जा रहा


माना हिमस्खलन में फंसे बीआरओ कर्मियों को हवाई मार्ग से जोशीमठ पहुंचाया जा रहा है। अब तक कुल 55 फंसे बीआरओ कर्मियों में से 47 को बचा लिया गया है।