शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में प्रदेशभर में हुंकार


गुना। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बुधवार को शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेशव्यापी आव्हान पर गुना सहित प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षक संगठनों ने विशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
आंदोलनकारी शिक्षकों का तर्क है कि जो शिक्षक पिछले 30 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनसे अब पात्रता परीक्षा लेना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वह इस निर्णय को वापस ले और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय नहीं बदला तो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने केवल परीक्षा रद्द करने की ही नहीं, बल्कि अपनी लंबित मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। इसमें शिक्षकों की पुरानी वरिष्ठता बहाल करने और पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि वे अपने हक की लड़ाई के लिए प्रदेशभर में एकजुट हैं। शिक्षक प्रतिनिधियों ने कड़े लहजे में कहा कि यदि समय रहते पात्रता परीक्षा पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने यहां तक कहा कि आगामी परीक्षा आयोजित करने वालों की परीक्षा में वे पास होना तो दूर, उनकी सप्लीमेंट्री भी नहीं आने देंगे। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने अपनी मांगों का मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनके हितों में ठोस निर्णय नहीं लेती है। इस प्रदर्शन के कारण दिनभर कलेक्ट्रेट परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा।