देशभर के कर संबंधी मुकद्दमों में होता है इनकी दलीलों का जिक्र
उद्योगपति बनने जा रहे अमित को बनना पड़ा टैक्स का वकील
अब नेशनल टैक्स ट्रिब्यूनल का जज बनना है सपना
एक कर सलाहकार के लिए सबसे मुश्किल होता है स्वयं को स्थापित करना। यह जटिलता तब और बढ़ जाती है, तब एक वकील छात्र जीवन से ही उद्योग लगाने का सपना देखता हो, लेकिन नियती अचानक उसी क्षेत्र में ले जाती है, जिसमें उन्होंने कम से कम उम्र के शुरुआत दौर में रुचि न दिखाई हो। अमित सौगानी उस शख्सियत का नाम है जो वाकई यह साबित कर चुके हैं कि मन में दृढ़ विश्वास हो तो आपके सामने सफलता व सम्मान जैसे शब्द फीक पड़ जाते हैं। अमित सौगानी गुनावासियों के लिए जितने सहज, सरल और मिलनसार नजर आते हैं, इनकी प्रसिद्धि उतनी ही प्रभावी है, जो आने वाली पीढिय़ों को भी मार्गदर्शित करेगी। बतौर कर सलाहकार महज 20 वर्ष की उम्र में काम शुरु करने वाले अमित सौगानी ने अपने काम, वक्तव्य और दलीलों से देशभर के अदालतों, ट्रिब्यूनल को प्रभावित किया है। यह बताने के लिए उदाहरण बहुत हैं कि अमित सौगानी ने अब तक कौन-कौन सी उपलब्धियां हासिल की हैं और क्योंकि उनकी दलीलें, मुकद्दमों की सुनवाई के दौरान दिए गए वक्तव्य अदालतों के निर्णया में उल्लेखित किया जाते हैं। आप गूगल सर्च कीजिए, अमित सौगानी से संबंधित टैक्ससेशन के कई केस मिल जाएंगे, जिनमें अदालतों ने इनकी बात को शब्दश: अपने निर्णय में अंकित किया है। निश्चित रूप से यह सिर्फ अमित सौगानी की उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गुना जिले को यह जानकर गौरव की अनुभूति होती है कि सौगानी परिवार ने इस शहर का नाम देशभर में रोशन किया है। मूलत: कर सलाहकार होने की वजह से अपने व्यस्ततम समय में से भी अमित सौगानी शहर के लिए सामाजिक सरोकार से जुड़े काम करना नहीं भूलते हैं। गुना में प्रवेश करते ही हनुमान चौराहा जाने वाले मार्ग पर स्थापित लहराता हुआ दिखने वाला गगनचुंबी तिरंगा (102 फीट) अमित सौगानी की दूरगामी सोच का परिणाम है। सामाजिक सरोकार के आयाम स्थापित करने वाले अमित सौगानी ने शहर को अनगित संस्थाओं की सौगात दी है। जिनमें लायंस क्लब गुना सेंट्रल प्रमुख है। लायंस क्लब सेंट्रल उसी संस्था का नाम है, जो गुना में पंखिड़ा नामक गरबा का आयोजन करता है। पंखिड़ा अब गुना जिले का सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है, इसमें शामिल होने के लिए मायानगरी मुंबई से लेकर देश के कोने-कोने से कलाकार पहुंचते हैं और गुनावासियों को गरबा का आनंद दिलाते हैं।
पिता ने दिखाई राह
सामाजिक के विशिष्ट व्यक्तियों की विशेषता होती है कि वह अपनी सफलता का श्रेय हमेशा अपने परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को देते हैं। अमित सौगानी का भी यह तर्क है। वह मानते हैं कि उनकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान गुना शहर के पूर्व विधायक और अमित के दिवंगत पिता स्व. भागचंद सौगानी का ही है। वर्तमान में अमित प्रतिष्ठित कर सलाहकार हैं, एक पेट्रोल पम्प का संचालन करते हैं, गुना की अपनी बैंक गुना नागरिक सहकारी बैक के अध्यक्ष हैं, शारदा विद्या निकेतन गरिममायी शिक्षण संस्था के संचालक हैं, लेकिन यह सबकुछ वह अपने पिता को ही समर्पित करते हैं। दो बेटियों और एक बेटे के पिता अमित पारिवारिक ताने-बाने को संभालने का पत्नि को देते हैं। इनकी बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है, छोटी बेटी एमबीए कर रही हैं और बेटा कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। सौगानी परिवार की पृष्ठभूमि बयां करते हुए अमित सौगानी अपने पिता का स्मरण करते हुए बताया हैं कि स्व. भागचंद सौगानी ने साल 1963 में सौगानी एण्ड कम्पनी की नींव रखी थी। 1984 में उन्होंने ग्वालियर के नया बाजार में ब्रांच स्थापित की। उन्हें खुशी है कि सौगानी एंड कम्पनी में काम कर चुके कई कर सलाहकार गुना, अशोकनगर, बीना और भोपाल में प्रेक्टिस कर रहे हैं। अमित सौगानी के पिता भी देश के जाने-माने कर सलाहकार रहे। इसके अलावा गुना में भाजपा के विधायक और 16 वर्षों तक निरंतर भारतीय जनता पार्टी का जिला अध्यक्ष रहने का गौरव स्व. भागचंद सौगानी के नाम है।
शिक्षा से लेकर सफलता तक
अमित सौगानी की प्रारंभिक शिक्षाक गुना में ही हुई। इसके बाद उन्होंने शिवपुरी के आईटीबीपी स्कूल में पढ़ाई की। बी.कॉम. करने के बाद ग्वालियर से कानून की शिक्षा प्राप्त की। विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे अमित सौगानी ने साल 2011 में लायंस क्लब सेंट्रल को स्थापित किया, तब वह लायंस क्लब गुना के सदस्य थे। वहीं रोटरी क्लब और जेसीआई से भी जुड़े रहने के लिए अनेक सामाजिक कार्यों में योगदान दिया है। वर्तमान में विश्व की प्रतिष्ठित संस्था रेडक्रॉस मध्यप्रदेश के प्रतिनिधि भी हैं, जो गुना जिले के लिए गौरव का विषय है। इसके अलावा भाजपा आर्थिक, वैचारिक प्रकोष्ठ के निरंतर द्वितीय बार अध्यक्ष हैं और चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष का दायित्व भी अमित सौगानी संभाल रहे हैं। हालांकि इस प्रतिष्ठित संस्था को गुना में स्थापित करने का श्रेय भी अमित सौगानी को जाता है। इसके पूर्व उन्होंने एबीवीपी, भाजयुमो में भी लम्बे समय तक काम किया है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जरिए अमित सौगानी ने गुना में कई आयोजन करवाए, जिनमें जीएसटी से संबंधित सेमिनार और इलेक्ट्रिसिटी ऑडिट विशेष है। इसके जरिए उद्योगों के संचालन के दौरान कॉस्ट कम करने का प्रयास किया है।
संघर्ष का लम्बा दौर
अमित सौगानी हैरदाबाद में ग्रेनाइट कटिंग एंड पॉलिसिंग की फैक्ट्री शुरु कर रहे थे। कुछ काम भी शुरु हो गया था। लेकिन दुर्भाग्यवश उनके बड़े भाई पंकज सौगानी का कार दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। तब अमित को अपने पिता भागचंद सौगानी का ऑफिस और पारिवारिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ी। शुरुआत में यह मुश्किल लगा, लेकिन अमित में इच्छाशक्ति है तो सबकुछ आसान बना दिया। इस अभूतपूर्व सफलता की वजह बताते हुए अमित कहते हैं कि लोगों को डायरेक्शन, लक्ष्य के प्रति समर्पण बरकरार रखना चाहिए। परिस्थितियों को महत्वपूर्ण नहीं देना चाहिए।
...जब जज ने बताया आप सीनियर हैं
अपने पेशे से पूरी तरह न्याय करने का सिद्धांत अपनाने वाले अमित सौगानी कई बार आईटीईटी आगरा, हाईकोर्ट ग्वालियर सहित डिप्टी कमिश्नर इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स आदि कार्यालयों में जाते हैं। उनका सिद्धांत रहा है कि जो चीज कहीं स्थापित न हो पाए वह स्थापित की जाए। लगभग 20 साल वकालत करते हुए उन्होंने कई दलीलें दीं और कुछ लेख भी लिखे। डिप्टी कमिश्नर ग्वालियर को संबोधित तर्क में उन्होंने यह बताया कि किस जिसमें पेनल्टी लगेगी या नहीं, विषय यह भी था कि टैक्स बचाने का उद्देश्य क्या था। डिप्टी कमिश्नर ने लेख पढ़ा और अमित सौगानी से मुखातिब होकर कहाकि आप वरिष्ठ अधिवक्ता हो। अमित बताते हैं कि मुझे तब चला कि मैं सीनियर हो गया हूं। हालांकि मुझे पढऩे का शौक हमेशा है, लगभग दो घंटे आज भी अध्ययन करता हूं।
हाईकोर्ट में जीता 2800 करोड़ के टैक्स का मुकद्दमा
अमित सौगानी की सफलता और कैरियर से जुड़े अनेक रोचक वाकये हैं। लेकिन साल 2014 में उनके द्वारा हाईकोर्ट में गेल से संबंधित मुकद्दमे का निर्णय देशभर में नजीर बन गया है। गेल पर 2800 करोड़ के टैक्स का मुकद्दमा चला था, जिसने अमित सौगानी ने जीत लिया। यह उनकी बड़ी सफलता थी। यह एकमात्र मुकद्दमा नहीं है, अमित सैगानी द्वारा लड़े गए केस के दौरान आए अनेक निर्णय और दृष्टांत देशभर में उल्लेख किए जाते हैं। रनवे डेवपर्स से जुड़ा एक मामला भी अहम है। अमित बताते हैं कि वह कोशिश करते हैं कि क्लाइेंट से अच्छे संबंध रहें, लोगों से विनम्रता पूर्वक मिलता हूं और किसी से गलत नहीं बोलता। कर से जुड़े मुकद्दमों पर चर्चा करने के दौरान वह सलाह देते हैं टैक्स की चोरी न करें, टैक्स प्लानिंग की जाए। सही समय पर टैक्स भरना चाहिए, उससे देश की प्रगति होती है।
अब तक जो हासिल किया
वकालत अमित सौगानी का पेशा है। लेकिन उपलब्धियां हर क्षेत्र में बिखरी पड़ी हैं। सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्र को बेहद नजदीकी से अमित ने समझा है और काम किया है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स का इन्हें निर्विरोध अध्यक्ष बनाया है। अमित सौगानी द्वारा संचालित शारदा विद्या निकेतन शहर का सबसे सस्ता और अच्छा इंग्लिश मीडिया स्कूल है। कई बच्चे ऐसे हैं, जो इस विद्यालय में निशुल्क अध्ययन भी कर रहे हैं। देश के वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह ने जब गुना का दौरा किया तो अमित सौगानी को उनकी यात्रा का प्रभारी बनाया गया। यह काम आसान नहीं था, इसलिए अमित को सौंपा गया। वह भारतीय जनता पार्टी की आजीवन भविष्य निधि के प्रभारी भी रहे। गुना नागरिक सहकारी बैंक के जरिए अमित ने अनेक जरूरतमंदों को ऋण के रूप में सहायता उपलब्ध कराई है। कोरोना संक्रमणकाल में इन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। जिसके जरिए जरूरतमंदों की मदद की गई। किसी भी अस्पताल से खबर आई तो सौगानी ने तुरंत मद पहुंचाई। लेकिन उनके जीवन का लक्ष्य नेशनल ट्रिब्यूनल का जज बनना और शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून एवं शुद्ध पेयजल हर व्यक्ति को निशुल्क उपलब्ध कराना है। अमित के मुताबिक बेहद आवश्यक होने के बावजूद यह तीनों ही चीजें हमारे देश में महंगी हैं। इस पर काम करना होगा। इससे पहले शहर के विकास के लिए वह कई सुझाव दे चुके हैं, जिनपर काम भी हुआ। स्वच्छ भारत मिशन से पहले साल 2004 में उन्होंने शहर में सार्वजनिक शौचालय रखने की बात कही थी, जिसपर अमल हुआ। हाल ही में गेल के सहयोग से मिले स्टील के डस्टबिन भी उन्होंने शहर में रखवाए हैं। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानने वाले अमित सौगानी इंसानियत को महत्व देते हैं। उनके मुताबिक इंसान के लिए सबकुछ होना चाहिए। जबकि वास्तव में मानवीय मूल्यों का पतन हो रहा है। भविष्य पार्टी और सामाजिक स्तर पर मिलने वाली जिम्मेदारियों को सहर्ष स्वीकार करते हुए किसी भी जिम्मेदारी का निर्वाहन करने तैयार हैं।