शिक्षण और सांस्कृतिक विधा में पारंगत प्रगतिशील महिला हैं गुंजन यादव


प्रगतिशीलता महिलाओं का अतिरिक्त आभूषण है। यह छात्र जीवन से लेकर आयु के किसी भी पड़ाव तक व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक भी है। सामान्य भाषा में कहें तो किसी भी महिला में अपनी नैतिक जिम्मेदारियों के अलावा शिक्षण, प्रशिक्षण या कलात्मक विशेषताएं होना चाहिए। क्राईस्ट स्कूल की सीनियर शिक्षक श्रीमती गुंजन यादव इन सभी विशेषताओं से परिपूर्ण हैं। शिक्षण के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़कर शहर व अपने माता-पिता का गौरव बढ़ाने वाली गुंजन यादव की प्रतिभा से उनके अधीनस्थ छात्र-छात्राएं व स्कूल प्रबंधन भी खासा प्रभावित है। एक सभ्य समाज का निर्माण करने में अहम योगदान दे रहीं श्रीमती गुंजन यादव का जन्म राजस्थान के बारां जिले में हुआ और वर्तमान में गुना की निवासी हैं। उनके पिता डॉ. सतीशचंद्र तिवारी और माताजी श्रीमती कृष्णा तिवारी ने अपनी बेटी गुंजन को उच्च शिक्षा की पूंजी दी है। इसके बाद आगे बढ़ने में इनके पति राम यादव ने अहम योगदान दिया। श्रीमती गुंजन यादव ने जीवाजी युनिवर्सिटी से एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (संस्कृत), पीजीडीसीए, बी.एड. जैसी विशेष डिग्रियां प्राप्त की हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यों में भी इनकी रुचि है। शिक्षण के साथ-साथ गुंजन यादव बच्चों में कलात्मक प्रतिभा को भी महत्व देती हैं। उनका मानना है कि बच्चे शिक्षा के प्रति धीरे-धीरे और अधिक समर्पित हो रहे हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कलात्मक प्रतिभा भी होना चाहिए। स्वयं गुंजन यादव ने कई उच्च स्तरीय नृत्य स्पधार्ओं में भाग लिया है। जेसीआई पायोनियर द्वारा आयोजित आॅनलाइन नृत्य प्रतियोगिता के एक ग्रुप में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गुना जिले का नाम पूरे देश में प्रसिद्ध किया था। शिक्षण से जुड़ी गुंजन यादव अपने मूल कार्य के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ वह नैतिक और मानसिक रूप से सक्षम होने की शिक्षा भी देती हैं। 2013 से क्राईस्ट स्कूल में अध्यापन का जिम्मा संभाल रहीं गुंजन यादव ने इससे पूर्व एक और नामी विद्यालय शांति पब्लिक में भी 5 वर्षों तक सेवाएं दी हैं। अपने अनुभव और शिक्षण विधा का वह भरपूर लाभ छात्र-छात्रों को देना चाहती हैं। इसलिए शिक्षण के अलावा संवाद को भी महत्व देती हैं। पढ़ाने के लिए पढऩा और संगीता सुनना गुंजन यादव को अच्छा लगता है। लोगों को शिक्षा के प्रति जागरुक बनाने का प्रयास भी उनके द्वारा किया जा रहा है।