महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल हैं श्रीमती वंदना श्रीवास्तव


सार्वजनिक परिवेश में महिलाओं का सक्रिय रहना आसान नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को समाज में प्रमुख रूप से स्थापित करते हुए महिलाओं को सशक्तिकरण की राह दिखाने का का असाधारण कार्य कर रही हैं श्रीमती वंदना श्रीवास्तव। उच्च शिक्षित महिला होने के नाते श्रीमती श्रीवास्तव शिक्षा के क्षेत्र में उनके पति श्री अवधेश श्रीवास्तव की तरह ही सक्रिय हैं। मूलत: ललितपुर निवासी श्रीमती वंदना श्रीवास्तव का विवाह अवधेश से होने के बाद उन्होंने गुना शहर को शिक्षा के क्षेत्र में कई उपलब्धियां दी हैं। इसके साथ ही महिलाओं को सशक्त करने के असाधारण प्रयासों की वजह से उन्हें समाज में आत्मनिर्भर महिला के रूप में देखा जाता है। एम.ए. हिंदी और सायक्लोजी जैसे विषयों के अलावा बी.एड. और बी.पी.एड. सहित कई महत्वपूर्ण डिग्रियां प्राप्त करने के बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुईं और शिक्षा के साथ-साथ नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र के में भी निरंतर कार्य कर रही हैं। नारी सशक्तिकरण के लिए उन्होंने जेसीआई का प्रथम महिला अध्याय शुरू किया, जिसे परिणिता के नाम से जाना गया और इसे काफी प्रसिद्धि भी मिली थी। इस ग्रुप के जरिए वृहद स्तर पर सामाजिक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा अन्य कई सामाजिक संस्थाओं से उनका जुड़ाव रहा है। स्वयं श्रीमती वंदना श्रीवास्तव सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभा की धनी हैं और अच्छी गायक भी हैं। महिलाओं के उत्थान के लिए हमेशा अग्रणी रहती हैं। श्रीमती वंदना श्रीवास्तव गुना शहर को शिक्षा के क्षेत्र में कई सौगातें देने वाले अवधेश श्रीवास्तव जी की पत्नि हैं और वर्तमान में मिलेनियम हायर सेकेण्डरी स्कूल की प्राचार्य रहते हुए नौनिहालों के भविष्य को उज्जवल बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। साथ ही अपने विद्यालय मिलेनियम हायर सेकेण्डरी को निरंतर बेहतद बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। इस विद्यालय में शिक्षा से जुड़े नवाचारों को देखकर अभिभावक भी गर्व महसूस करते हैं। इसके अलावा गरीब और झुग्गी बस्तियों में पहुंचकर वह समय-समय पर लोगों को वस्त्र वितरित करती हैं और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने का संदेश देती हैं। इन तमाम व्यस्तताओं के बावजूद श्रीमती वंदना श्रीवास्तव ने प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में भी बेहतर काम किया है और कई पार्कों में पौधे लगवाते हुए उन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी ग्रहण की है।