ओवरलोड वाहनों से रहना संभलकर!


गुना। जिले में बिल्डिंग मटेरियल से भरे ओवर लोड वाहनों को शायद पुलिस और प्रशासन ने अभयदान दे दिया है। लम्बे समय से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फर्राटे भर रहे इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं की गई है। नौबत यह पहुंच गई कि अब दोपहिया और चार वाहन चालकों को ओवर लोड वाहनों के नजदीक गुजरने में अपने रिस्क पर चलना पड़ता है। यदि कोई हादसा हो जाए तो उसे वाहन चालक की गलती नहीं समझा जाएगा।
गौरतलब है कि गुना शहर में जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद बिल्डिंग मटेरियल से भरे वाहन शहर में फर्राटे भर रहे हैं। मुख्य चौराहों से न गुजरते हुए गिट्टी, भसुआ और बजरी से भरे डम्फर और ट्रैक्टर ट्रॉली शहर के ऐसे एंट्री प्वाइंट तलाश कर चुके हैं, जहां पुलिस का पहरा नहीं होता है। वहीं पुलिस ने भी अपना सिस्टम तय कर रखा है। पूरा यातायात अमला कुछ गिने-चुने चौराहों पर ही बिना हेलमेट और तीन सवारी वाहनों के चालान काटता रहता है। किसी को भी बिल्डिंग मटेरियल से भरे वाहनों पर कार्रवाई करने की फुरसत तक नहीं है। ऐसे में ट्रैक्टर चालक अनियंत्रित गति से शहरी के गली-मोहल्लों में प्रवेश कर जाते हैं। इनके देखकर ऐसा लगता है मानो इलाके में कोई भूचाल आ गया हो। जैसे ही भसुआ और गिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई देते हैं लोग स्वयं इनसे बचने के लिए यहां-वहां भागते नजर आते हैं।

शहरी क्षेत्र में हो चुके हैं हादसे
बिल्डिंग मटेरियल से भरे वाहनों की वजह से शहरी क्षेत्र में कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में हनुमान चौराहे के पास पीएचई कार्यालय के सामने एक दिव्यांग को डम्फर ने कुचल दिया था। इस मामले में परिवार ने जमकर विरोध जताया था, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। हड्डी मील निवासी दिव्यांग का परिवार अब आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इसी तरह बांसखेड़ी इलाके में एक बालिका की मौत का मामला आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है। उसे बजरी से भरी एक अनियंत्रित ट्रॉली ने रौंद दिया था। एक और मामला हनुमान चौराहे का ही था जब अपने बच्चे को स्कूल ले जा रहे पिता को डम्फर ने कुचल दिया। ऐसे कई मामले सामने आने के बावजूद शहरी क्षेत्र में बिल्डिंग मटेरियल से भरे वाहनों की जांच नहीं की जा रही है।

अनियंत्रित होने से हादसे का बना रहता है डर
हालात यह कि वाहनों की ओवरलोडिग के कारण सड़कें जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते गांवों में आने जाने वाले दो पहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार खराब सड़क टूटी होने की वजह से वाहन पलट जाते हैं। जिससे आम लोगों की जानमाल का नुकसान होता है। शहरवासियों व ग्रामवासियों ने प्रशासन से ओवरलोड ट्रक और लोडर वाहनों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह भविष्य में गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।

लोडिंग वाहनों में सवारी, जान जोखिम में डाल रहे लोग
शहर में लोडिंग वाहनों का गलत उपयोग भी चिंता का विषय बन चुका है। नियमों को ताक पर रखकर इन वाहनों में सवारियां ढोई जा रही हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। खनिज विभाग, पुलिस और प्रशासन को इन अवैध गतिविधियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। नियमों के अनुसार ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं।