अमानक पॉलीथिन के खिलाफ अलर्ट हुई नपा!


गुना। मकर संक्रांति के त्यौहार को देखते हुए बाजार में बढ़ती भीड़ और अमानक पॉलिथीन के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए नगर पालिका गुना ने कमर कस ली है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी मंजूषा खत्री के निर्देशन में शनिवार को स्वच्छता विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न गजक भंडारों और खाद्य दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलिथीन बरामद की।
शनिवार को स्वच्छता निरीक्षक विवेक श्रीवास्तव एवं उनकी टीम ने नगरीय क्षेत्र में संचालित गजक की दुकानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को अमानक पॉलिथीन के स्थान पर बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग (मक्के के स्टार्च से बने बैग) का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। अभियान के तहत टीम ने लगभग 10 किलो अमानक पॉलिथीन जब्त की। इस कार्रवाई में नीलेश राठौर और राजेश माझी सहित स्वच्छता विभाग का अमला मौजूद रहा। हालांकि इससे पहले शुक्रवार और गुरुवार को प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजूषा खत्री के नेतृत्व में नगरपालिका ने छोटी दुकानों पर जाकर अमानक पॉलीथिन उपयोग नहीं करने की सलाह दी थी। नगरपालिका ने अपनी ओर से ऐसी पॉलीथिन का वितरण किया था, जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती थीं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दुकानदारों पर नगरपालिका की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ और एक दिन बाद ही गुना शहर की गजक दुकानों पर भारी मात्रा में अमानक पॉलीथिन जब्त की गई है।

प्रतिबंध के बावजूद गुना में धड़ल्ले से उपयोग
विदित हो कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2022 से देश भर में 'सिंगल यूज प्लास्टिक' पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। नियमों के अनुसार, 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पॉलिथीन का निर्माण, आयात, भंडारण और बिक्री दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद गुना शहर में इसका उपयोग बड़े स्तर पर जारी है। शहर के छोटे दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता और खाद्य सामग्री बेचने वालों के पास भारी मात्रा में अमानक पॉलिथीन आसानी से उपलब्ध है। दुकानदार जानते हुए भी मुनाफे के चक्कर में इस जहरीली प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं, जो नालियों को चोक करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और पशुओं के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुँचा रही है।

नगर पालिका का नरम रुख
अक्सर देखा जाता है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा अमानक पॉलिथीन के विरुद्ध अभियान 'गाहे-बगाहे' ही चलाया जाता है। इसके पीछे एक प्रमुख कारण छोटे दुकानदारों को बार-बार होने वाली आर्थिक परेशानी से बचाना और मानवीय दृष्टिकोण रखना होता है। लेकिन विभाग की इसी नरमी का फायदा उठाकर थोक विक्रेता और दुकानदार प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री जारी रखे हुए हैं। शनिवार को की गई यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि आने वाले त्यौहारों के सीजन में यह निगरानी और भी सख्त की जाएगी। यदि दुकानदार समझाइश के बाद भी नहीं मानते हैं, तो उन पर भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

कार्रवाई से हड़कंप, लेकिन निरंतर हो...
शनिवार को नगरपालिका द्वारा की गई कार्रवाई को पर्यावरणविद प्रभावी मानते हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि जब तक नगरपालिका निरंतर अमानक पॉलीथिन को जब्त करने की कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक अमानक पॉलीथिन का उपयोग जारी रहेगा। गौरतलब है कि अमानक पॉलीथिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सबसे ज्यादा गाय और अन्य आवारा मवेशियों के लिए हानिकारक हैं। अधिकांश कूड़े के ढेर में अमानक पॉलीथिन मिलती हैं, जिन्हें गाय खा लेती हैं और बाद में आंतों में पॉलीथिन चिपकने से गायों की मौत तक हो जाती है।